26 जनवरी – गणतंत्र दिवस, इतिहास

26 january 2020 गणतंत्र दिवस

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26 जनवरी –  गणतंत्र दिवस (भारत)
भारत गणराज्य द्वारा गणतंत्र

26 जनवरी की अनुआयी  भारत करता है
26 जनवरी का आरंभ 26 जनवरी 1951 में किया गया था|

उत्सव – परेड, भाषण, मिठाइयों का वितरण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों आदि यह हर साल मनाया जाता है|

गणतंत्र दिवस भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है जो प्रति वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है| इसी दिन सन 1950 को भारत सरकार अधिनियम एक्ट 1935 को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया था|
एक स्वतंत्र गणराज्य बनने और देश में कानून का राज स्थापित करने के लिए संविधान को 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वारा अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को इसे एक लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया था|
26 जनवरी को इसलिए चुना गया था क्योंकि 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) ने भारत को पूर्ण स्वराज घोषित किया गया था यह भारत के 3 राष्ट्रीय अवकाशों  में से एक है, अन्य दो स्वतंत्र दिवस और गांधी जयंती है

– इतिहास –

सन् 1929 के दिसंबर में लाहौर  में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस  का अधिवेशन पंडित जवाहरलाल नेहरू  की अध्यक्षता में हुआ जिसमें प्रस्ताव पारित कर इस बात की घोषणा की गई कि यदि अंग्रेज सरकार 26 जनवरी 1930 तक भारत को स्वयत्योपपित  (डोमीनियन) का पद नहीं प्रदान करेगी, जिसके तहत भारत ब्रिटिश साम्राज्य में ही स्वशासित एकाई बन जाता, तो भारत  अपने को पूर्णतः स्वतंत्र घोषित कर देगा।

26 जनवरी 1930 तक जब अंग्रेज सरकार ने कुछ नहीं किया तब कांग्रेस ने उस दिन भारत की पूर्ण स्वतंत्रता के निश्चय की घोषणा की और अपना सक्रिय आंदोलन आरंभ किया। उस दिन से 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त होने तक 26 जनवरी स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता रहा। इसके पश्चात स्वतंत्रता प्राप्ति के वास्तविक दिन 15 अगस्त  को भारत के स्वतंत्रता दिवस  के रूप में स्वीकार किया गया।

26 जनवरी – गणतंत्र दिवस

भारत के आज़ाद हो जाने के बाद सविधान सभा  की घोषणा हुई और इसने अपना कार्य 9 दिसम्बर 1947 से आरम्भ कर दिया। संविधान सभा के सदस्य भारत के राज्यों  की सभाओं के निर्वाचित सदस्यों के द्वारा चुने गए थे। डॉ० भराव अंबेडकर , जवाहरलाल नेहरू , डॉ राजेंद्र प्रसाद , सरदार वल्ल्ब भाई पटेल , मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद  आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थे। संविधान निर्माण में कुल 22 समितीयां थी जिसमें प्रारूप समिति (ड्राफ्टींग कमेटी) सबसे प्रमुख एवं महत्त्वपूर्ण समिति थी और इस समिति का कार्य संपूर्ण ‘संविधान लिखना’ या ‘निर्माण करना’ था।

26 जनवरी – गणतंत्र दिवस, इतिहास

 प्रारूप समिति  के अध्यक्ष विधिवेत्ता डॉ० भीमराव अम्बेडकर  थे। प्रारूप समिति ने और उसमें विशेष रूप से डॉ. आंबेडकर जी ने 2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन में भारतीय सविधान  का निर्माण किया और सविधान सभा  के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को 26 नवम्बर 1949 को भारत का सविधान  सुपूर्द किया, इसलिए 26 नवम्बर  दिवस को भारत में सविधान  दिवस  के रूप में प्रति वर्ष मनाया जाता है। संविधान सभा ने संविधान निर्माण के समय कुल 114 दिन बैठक की। इसकी बैठकों में प्रेस और जनता को भाग लेने की स्वतन्त्रता थी।

26 जनवरी – गणतंत्र दिवस, इतिहास

अनेक सुधारों और बदलावों के बाद सभा के 308 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को संविधान की दो हस्तलिखित कॉपियों पर हस्ताक्षर किये। इसके दो दिन बाद सविधान  26 जनवरी को यह देश भर में लागू हो गया। 26 जनवरी का महत्व बनाए रखने के लिए इसी दिन सविधान  निर्मात्री  सभा  (कांस्टीट्यूएंट असेंबली) द्वारा स्वीकृत संविधान में भारत के गणतंत्र स्वरूप को मान्यता प्रदान की गई।

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